बाराबंकी : जनेस्मा कॉलेज में पंजाबी भाषा,” जिले के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल पी. जी. कालेज, बाराबंकी के सभागार में उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी,
लख़नऊ एवं जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल पी. जी. कालेज, बाराबंकी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी -“पंजाबी भाषा, साहित्य और संस्कृति : वर्तमान चुनौतियाँ एवं संभावनाएं” विषय पर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो०(डॉ०) सीताराम सिंह ने की। मुख्य अतिथि पंजाबी अकादमी के निदेशक श्री ओम प्रकाश सिंह, वक्ता गणों में प्रो. रंजीत कौर, प्रो. अनिल कुमार विश्वकर्मा, प्रो. विजय कुमार वर्मा और श्री अजय कुमार पाण्डेय और पंजाबी अकादमी के कार्यक्रम समन्वय अरविन्द नारायण मिश्र जी की उपस्थित में भारत माॅं की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम को प्रारंभ किया गया।
संगोष्ठी में पंजाबी भाषा की चुनौतियाँ और संभावनाओं पर वक्ताओं ने महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किया। प्राचार्य प्रो०(डॉ०) सीताराम सिंह ने विश्वविद्यालयों में पंजाबी विषय का विभाग न होने पर चिंता व्यक्त की और कहा की नगर के पंजाबी भाषी लोगों का सर्वे करवा कर जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल पी.जी. कालेज, बाराबंकी में पंजाबी विषय की पढ़ाई प्रारंभ करने के लिए विश्वविद्यालय, यूपीआरटीयू, एवं इग्नू अध्ययन के लिए प्रयास करेंगे। क्योंकि भारतीय भाषाओं का संरक्षण और संवर्धन हम सभी का धर्म है।
पंजाबी भाषा, साहित्य और संस्कृति को इंटेरनेट, यूट्यूब और सोशल मीडिया द्वारा अधिक से अधिक प्रसारित किया जाय। प्रो० विजय कुमार वर्मा ने पंजाबी भाषा, साहित्य और संस्कृति के एतिहासिक परिदृश्य का विवरण प्रस्तुत किया।. प्रो० रंजीत कौर ने पंजाबी भाषा के वर्तमान परिस्थितियों को समझाया।
मुख्य अतिथि श्री ओम प्रकाश सिंह ने उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित पंजाबी भाषा, साहित्य और संस्कृति के उत्थान के लिए किये जा रहे कार्यों को बताया। जनेस्मा महाविद्यालय को इस संगोष्ठी हेतु धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार भी व्यक्त किया।
महाविद्यालय के प्रो. अबरीश कुमार शास्त्री, प्रो संतोष कुमार गौड़, प्रो. कृष्ण कांत चंद्रा, प्रो. सुनिता यादव, डॉ. प्रदीप कुमार सहित 400 शोध छात्र एवं स्नातकोत्तर छात्र, नगर के कई पंजाबी भाषी गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो. अनिल कुमार विश्वकर्मा ने किया।