ठाणे : ठाणे शहर के ऐतिहासिक महत्व को संरक्षित करने और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े वीर क्रांतिकारियों के बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ठाणे जेल में एक विशेष संग्रहालय का निर्माण किया जा रहा है।
इस संग्रहालय की परिकल्पना और पहल ठाणे के विधायक संजय केलकर ने की है। केलकर ने मंगलवार को विशेषज्ञों के साथ इस संग्रहालय का निरीक्षण किया और दिवाली तक इसे आम नागरिकों के लिए खोलने की जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान इतिहासकार मकरंद जोशी, मूर्तिकार वर्षा रेड्डी, प्रज्ञा म्हात्रे सहित जेल अधीक्षक रानी भोसले और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
संग्रहालय में 1737 से 1947 तक के ठाणे मुक्ति संग्राम के इतिहास से जुड़ी घटनाओं को मूर्तियों के माध्यम से जीवंत किया जाएगा।
मूर्तियों का निर्माण मूर्तिकार वर्षा रेड्डी कर रही हैं और इस कार्य में उन्हें इतिहास शोधकर्ता पांडुरंग बलकावड़े का मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है।
संग्रहालय में पांच फीट ऊंची मूर्तियों के माध्यम से क्रांतिकारियों की गाथा प्रस्तुत की जाएगी। ठाणे किले के इतिहास से लेकर पुर्तगालियों द्वारा उसके निर्माण, मराठों द्वारा विजय और अंग्रेजों द्वारा उसे जेल में बदलने तक की पूरी कहानी इन मूर्तियों के माध्यम से दिखाई जाएगी।
हर मूर्ति के नीचे इतिहास से संबंधित दो पंक्तियों में जानकारी दी जाएगी। विशेष बात यह होगी कि इस संग्रहालय में ठाणे जेल का पुराना फांसीघर भी नागरिकों को देखने को मिलेगा, जहां राघोजी भांगरे और अनंत कन्हेरे जैसे महान क्रांतिकारियों को फांसी दी गई थी।
इसके अलावा वासुदेव बलवंत फड़के, विनायक दामोदर सावरकर और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियां भी स्थापित की जाएंगी।
विधायक संजय केलकर ने कहा कि ठाणे ऐतिहासिक महत्व का शहर है और इस संग्रहालय के माध्यम से इस गौरवशाली इतिहास को संरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।
आम नागरिकों के लिए यह संग्रहालय प्रेरणा का स्रोत बनेगा। इस परियोजना के लिए विधायक निधि और जिला नियोजन समिति के निधि का उपयोग किया जा रहा है।