इमामुद्दीन
बाराबंकी ! उच्च न्यायालय” जिले के जैदपुर कस्बे के बुनकरों के लिए राहत भरी खबर! इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने जैदपुर निवासी बुनकरों की याचिका पर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
कोर्ट ने निर्देश दिया कि यदि याचिकाकर्ताओं के दावे सही पाए जाते हैं, तो उन्हें बिजली सब्सिडी का लाभ तुरंत प्रदान किया जाए।
आप को बता दें कि,जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की डिवीजन बेंच ने 24 अप्रैल 2025 को सुनवाई के बाद आदेश पारित किया।
याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि वे 14 जून 2006 और 06 अप्रैल 2023 के सरकारी आदेशों के तहत बिजली शुल्क पर सब्सिडी के हकदार हैं।
पहले उनके नाम पात्र सूची में थे, लेकिन हैंडलूम विभाग से प्रमाण-पत्र न जारी होने के कारण मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (एमवीवीएनएल) ने लाभ नहीं दिया।
बाद में 29 जून 2022 को जारी नई योग्यता सूची में उनके नाम हटा दिए गए। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि यह सूची बिजली निगम और हैंडलूम विभाग के संयुक्त निरीक्षण के आधार पर तैयार की जानी थी, लेकिन ऐसा कोई निरीक्षण नहीं हुआ।
मगर अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद जहां उनका नाम बुनकर सूची में वापस शामिल किया गया, वहीं लम्बे समय से लाखों रुपये का बकाया बिजली बिल भी माफ हुआ है!
जैदपुर नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि दाऊद अलीम को श्रेय देते हुए स्थानीय बुनकरों ने कहा कि उनके प्रयासों से यह मामला कोर्ट तक पहुंचा और बुनकर समुदाय को न्याय मिला।
दाऊद अलीम ने बताया कि जैदपुर के बुनकर लंबे समय से सब्सिडी से वंचित थे, और उनके सर पर लाखों रुपये का कर्ज़ा चढ़ गया था,
जो अब पूरी तरह समाप्त हो गया है, उच्च न्यायलय के इस फैसले से बुनकरों का रोजगार बढेगा, जो अबतक बुरी तरह प्रभावित हो रहा था।

साथ ही उन्होंने कहा, कोर्ट के इस फैसले से हजारों बुनकरों को उम्मीद जगी है उनका मानना है हैंडलूम उद्योग को इससे मजबूती मिलेगी









