बाराबंकी । कड़ाके की ठंड में जरूरतमंदों के लिए राहत बनकर पहुंचे राज्यमंत्री सतीश शर्मा ने एक बार फिर मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए जनसेवा की मिसाल पेश की।
तहसील रामसनेहीघाट क्षेत्र के ग्राम खुसेहटी में 700 तथा नगर पंचायत रामसनेहीघाट के मिनी स्टेडियम में 600 दिव्यांगजनों एवं वृद्धजनों को कंबल वितरित किए गए।
कंबल पाकर बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के चेहरों पर राहत की मुस्कान साफ झलकती नजर आई। ठिठुरन भरी ठंड में यह सहायता उनके लिए किसी संजीवनी से कम नहीं रही।
नर सेवा ही नारायण सेवा” — सतीश शर्मा
इस अवसर पर राज्यमंत्री सतीश शर्मा ने कहा कि यह सेवा कार्य सरकार की संवेदनशीलता, गरीब-कल्याण और अंत्योदय की भावना को सशक्त रूप से दर्शाता है।
उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा—
“समाज के कमजोर, असहाय और जरूरतमंद वर्ग की सेवा करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। नर सेवा ही नारायण सेवा है, यही हमारी प्रतिबद्धता है।
” प्रशासन रहा मुस्तैद, व्यवस्था रही चाक-चौबंद कंबल वितरण कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी तरह चाक-चौबंद रहीं।
एसडीएम अनुराग सिंह, तहसीलदार शशांक उपाध्याय सहित तहसील के तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे और वितरण व्यवस्था को सुचारु रूप से संपन्न कराया।
स्थानीय लोगों ने इस मानवीय पहल की जमकर सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम सर्दी के मौसम में गरीबों और असहायों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

जमीन पर उतरती दिखीं सरकारी योजनाएं कंबल वितरण कार्यक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सरकार की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वास्तव में जमीन पर उतरकर जरूरतमंदों तक पहुंच रही हैं।









