बाराबंकी । देवा शरीफ मजार से चोरी हुए पांच महीने के नवजात शिशु को मात्र तीन घंटे के भीतर देवा पुलिस टीम ने सकुशल बरामद कर लिया। इसके साथ ही दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने नवजात को चोरी करने के बाद सऊदी अरब में बेचने की योजना बनाई थी।
यह घटना 31 मार्च की रात को हुई थी, जब देवा शरीफ मजार से एक महिला के पास सो रहे नवजात बच्चे को चुरा लिया गया था ।
पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस, डिजिटल डेटा और सीसीटीवी कैमरों की मदद से तुरंत कार्रवाई करते हुए नवजात को सुरक्षित बरामद कर लिया।
गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान हसबुन शेख पत्नी अकबर अली और अकबर अली पुत्र शेख गयासुद्दीन के रूप में हुई है।
दोनों अभियुक्त बिहार के गोपालगंज जनपद के डुमरिया थाना क्षेत्र के निवासी हैं, और फिलहाल लखनऊ के थाना गुड़म्बा स्थित कल्याणपुर में किराए के कमरे में रह रहे थे। पुलिस ने इन दोनों को बाराबंकी के रेलवे स्टेशन माल गोदाम रोड के पास से गिरफ्तार किया ।
पूछताछ में सामने आया कि अभियुक्तों ने 1-2 अप्रैल की रात को देवा शरीफ की दरगाह परिसर में सो रही एक महिला के पास से उसके बच्चे को चुरा लिया था। इस बच्चे को सऊदी अरब में अधिक कीमत पर बेचने की योजना थी।
पुलिस ने अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाना भी शुरू कर दिया है, ताकि उनकी अन्य आपराधिक गतिविधियों का खुलासा किया जा सके ।
देवा शरीफ मजार से नवजात की चोरी और फिर उसे विदेश में बेचने की योजना से इलाके में हलचल मच गई थी, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने न केवल बच्चे को सुरक्षित बरामद किया, बल्कि आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
इस घटना से यह भी साबित हुआ कि पुलिस द्वारा चलाई जा रही तत्परता और तकनीकी उपायों के इस्तेमाल से अपराधियों के मंसूबे चुराए जा सकते हैं। पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है, और आरोपी जल्द ही न्यायालय में पेश किए जाएंगे।
