लखनऊ । लोकबन्धु राजनारायण सभा का प्रारंभ करते हुए संस्था के अध्यक्ष लेखक एंव इतिहासकार श्री शाहनवाज़ क़ादरी ने कहा कि ऐसा लगता है कि भाजपाई सरकार को अपने पतन का भय सताने लगा है
इसलिए सरकार को बचाए रखने का अंतिम प्रयास समाज में अस्थिरता व अराजकता फैलाकर विपक्षी दलों एंव वर्ग विशेष को आतंकित करने के लिए अपने चिल्लर संगठनों के द्वारा सार्वजनिक रूप से हथियार बटवाने का कार्य करा रही है
इतना ही नहीं अपने वाटसेफ विश्वविद्यालय व गोदी मीडिया के के माध्यम से प्रचार प्रसार भी कराया जा रहा है। इन सब घटनाक्रम पर सरकार व सर्वोच्च न्यायालय का संज्ञान न लेना इन आशंकाओं को बल देती हैं।
यदि लोकबन्धु राजनारायण जीवित होते ऐसे फासिस्ट कृत पर सड़क जन आंदोलन के द्वारा सरकार का जीना दूभर कर देते।
सभा की अध्यक्षता कर रहे श्री संदीप पाण्डेय जी ने अपने सम्बोधन मे वर्तमान सरकार द्वारा नित्य प्रति संविधान की उपेक्षा कर नागरिक स्वतन्त्रता का हनन किए जाने पर घोर चिंता जताते हुए इसे लोकतंत्र के लिए घातक बताया।
और विडम्बना यह कि सरकार के इस असंवैधानिक कृत के खिलाफ विपक्षी दलों को जितनी मजबूती से जन आंदोलन के द्वारा विरोध करना चाहिए, वो नही कर रहे हैं, इससे जनता मे भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
ऐसी फासिस्ट शक्तियों का विरोध करने का साहस सिर्फ लोहिया व राजनारायण के सिद्धांत पर चलने वाले लोग ही कर सकते हैं,इसका विरोध ही राजनारायण जी को सच्ची श्रद्धांजलि है।

स्मृति सभा मे जौनपुर से आए श्री परवेज़ आलम सिद्दीकी, फैसल हसन ,हाजी जियाउद्दीन अंसारी, मऊ से आए वरिष्ठ सोशलिस्ट श्री निसार अहमद एंव वरिष्ठ अधिवक्ता सर्व श्री सलाहुद्दीन” शीबू”,मोहम्मद फ़ैज़ान ,वसीम सिद्दीक़ी, लोकबन्धु पार्टी के अध्यक्ष श्री राम नरेश यादव,राजू यादव ,दीन दयाल चौबे, भारत सिंह, अर्जुन तिवारी, पत्रकार श्री नैयर एहतेशाम, किफायतुल्लाह खान नदवी, सोशल ऐक्टिविस्ट परवेज़ अंसारी, फ़ैज्रान अहमद अंसारी, फर्रूख हसन आदि लोगो ने राजनारायण जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताए आंदोलन के रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।









