वाराणसी। भारतीय जीवन बीमा उद्योग ने मई 2025 में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। भारतीय जीवन बीमा परिषद ( Life Insurance Council ) द्वारा साझा किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, मई 2025 में नए व्यवसायिक प्रीमियम (New Business Premium – NBP) में 12.68% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई है।
यह वृद्धि बीमा क्षेत्र में लगातार बढ़ रही ग्राहकों की जागरूकता और बीमा की जरूरतों को दर्शाती है। आंकड़ों के मुताबिक, मई 2024 में जहां NBP का आंकड़ा ₹27,034.15 करोड़ था, वहीं मई 2025 में यह बढ़कर ₹30,463.21 करोड़ तक पहुंच गया।
इसी तरह, वर्ष की शुरुआत से अब तक (YTD – Year-To-Date) प्रीमियम संग्रह में भी 10.86% की वृद्धि देखी गई है, जो ₹47,293.01 करोड़ से बढ़कर ₹52,427.40 करोड़ हो गया।
व्यक्तिगत बीमा सेगमेंट में भी दिखी मजबूती :-
मई 2025 में व्यक्तिगत सिंगल प्रीमियम में 5.21% की बढ़त दर्ज की गई, जो ₹3,525.28 करोड़ रहा। YTD आधार पर इसमें 4.89% की वृद्धि देखी गई।
वहीं व्यक्तिगत नॉन–सिंगल प्रीमियम ₹7,086.10 करोड़ रहा, जिसमें 2.45% की सालाना और 1.28% की YTD बढ़ोतरी हुई।
यह आंकड़े इस ओर इशारा करते हैं कि लोगों में बीमा को लेकर भरोसा और सुरक्षा की भावना लगातार मजबूत हो रही है।
बीमा कंपनियों द्वारा नई रणनीतियों और डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल कर ग्राहकों को आकर्षित करने में मदद मिली है।
इसके चलते व्यक्तिगत प्रीमियम संग्रह में मई महीने में कुल 3.35% की और YTD आधार पर 2.46% की सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।
कॉर्पोरेट और समूह बीमा पॉलिसी सेगमेंट में जबरदस्त बढ़त :-
ग्रुप सिंगल प्रीमियम सेगमेंट ने भी जोरदार प्रदर्शन किया है। मई 2025 में इस सेगमेंट में 13.09% की वृद्धि दर्ज हुई और यह ₹18,068.04 करोड़ तक पहुंच गया। कुल ग्रुप प्रीमियम संग्रह में 18.40% की सालाना वृद्धि देखी गई, जो बीमा कंपनियों के संस्थागत ग्राहक आधार की मजबूती को दर्शाता है।
बीमा क्षेत्र में रोजगार और विस्तार की बड़ी पहल :-
बीमा कंपनियों ने देशभर में अपने नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 1.46 लाख से अधिक नए बीमा एजेंटों को जोड़ा है।

इससे न सिर्फ ग्रामीण और अर्ध–शहरी इलाकों में बीमा की पहुंच बढ़ी है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न हुए हैं। यह पहल बीमा समावेशन (Insurance Inclusion) को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।









