लखनऊ : Max Hospital, लखनऊ के विशेषज्ञों ने उत्तर प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर की देर से पहचान को एक गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती बताया है।
उनका कहना है कि शहरी क्षेत्रों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं समय पर जांच नहीं करवा पा रही हैं,
जिससे बीमारी उन्नत अवस्था में सामने आती है। मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ की गायनेकोलॉजिकल ऑन्को-सर्जरी कंसल्टेंट डॉ. चंद्रिमा रे के अनुसार जागरूकता की कमी, सामाजिक झिझक, डर और कई तरह की गलतफहमियां इसकी प्रमुख वजह हैं।
उन्होंने बताया कि पैप स्मीयर जांच को लेकर दर्द होने की आशंका, मानसिक दबाव और आर्थिक बोझ का डर महिलाओं को नियमित स्क्रीनिंग से दूर रखता है।
डॉ. रे ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर शुरुआती अवस्था में पहचान लिए जाने पर पूरी तरह रोका और ठीक किया जा सकता है।
इसके लिए नियमित जांच, सही जानकारी और समाज में खुलकर चर्चा बेहद जरूरी है।

अस्पताल की ओर से महिलाओं को समय-समय पर स्क्रीनिंग कराने और लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई है, ताकि इस बीमारी से होने वाली मौतों को कम किया जा सके।









