बाराबंकी : Madrasa हबीबिया फैजान ए गुलजार ए मिल्लत मसौली शरीफ एक बार फिर कुरआन की खिदमत और दीनी तालीम के मैदान में शानदार कामयाबी के साथ सामने आया है।
अलहम्दुलिल्लाह, दिनांक 5 फरवरी 2026, बरोज़ जुमेरात, मदरसा हबीबिया फैजान ए गुलजार ए मिल्लत, इसमाईली नगर मसौली शरीफ में पाँच तलबा-ए-किराम ने हिफ़्ज़-ए-कुरआन-ए-करीम मुकम्मल कर एक यादगार मिसाल क़ायम की।
हिफ़्ज़ मुकम्मल करने वालों में हाफिज़ मोहम्मद तौसीफ इब्न ऐजाज़ हुसैन (फैज़ुल्लाह गंज, बाराबंकी), हाफिज़ मोहम्मद फैसल इब्न मोहम्मद रेहान इदरीसी (तिलोकपुर), हाफिज़ मोहम्मद फहीम इब्न मोहम्मद वसीम खान (मसौली शरीफ), हाफिज़ मोहम्मद रुम्मान इब्न मोहम्मद सलीम और हाफिज़ मोहम्मद जैद इब्न मोहम्मद अय्यूब खान (मस्तान नगर, मसौली शरीफ) शामिल हैं।
इस मुबारक मौके पर मदरसे में एक रूहानी महफिल–ए–पाक का एहतेमाम किया गया, जिसमें तलबा-ए-किराम ने नात-ए-पाक के अशआर पेश कर समां बाँध दिया।
इसके बाद हज़रत हाफिज़ व कारी मौलाना अख्तर रज़ा सुबहानी मिस्बाही साहब ने मुख़्तसर मगर असरदार बयान फरमाया। महफिल का इख़्तिताम हज़रत मौलाना कारी क़ैस रज़ा साहब की दुआ पर हुआ।

इस खुशी के मौके पर मदरसा के नाज़िम-ए-तालीमात हज़रत हाफिज़ व कारी मौलाना इमामुल हक नूरी साहब समेत कई असातिज़ा-ए-किराम, हुफ्फाज़, कुर्रा और अहले-सुन्नत के उलेमा ने शिरकत की। मदरसा इंतज़ामिया की जानिब से पाँचों हुफ्फाज़, उनके वालिदैन और असातिज़ा को दिली मुबारकबाद पेश की गई।









