लखनऊ : Bharat taxi सहकारिता का नया मंच सारथियों को स्वामित्व मिलेगा . केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा शुरू की गई ‘भारत टैक्सी’ सेवा केवल एक नए प्लेटफॉर्म की शुरुआत नहीं, बल्कि सहकारिता क्षेत्र में एक बड़े बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सहकारिता को पुनर्जीवित करने के संकल्प को जमीन पर उतारते हुए यह सेवा तीन वर्षों में पूरे देश में फैलाने का लक्ष्य रखती है।
इस पहल का उद्देश्य सरकारी नियंत्रण बढ़ाना नहीं, बल्कि सहकारिता की भावना को मजबूत करना और टैक्सी चालकों को स्वामित्व, पारदर्शिता और सम्मान के साथ आर्थिक सुरक्षा देना है।
‘भारत टैक्सी’ मॉडल में सारथी ही मालिक होंगे, जिससे यह दुनिया की अनूठी सहकारी टैक्सी सेवा बनती जा रही है। इस सेवा के माध्यम से टैक्सी चालकों को मात्र काम करने वाला नहीं, बल्कि निर्णय में भागीदार बनाकर उनकी आय और प्रतिष्ठा बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
साथ ही ‘सारथी दीदी’ के जरिए महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने की योजना को भी अहम बताया जा रहा है। अमित शाह ने इस पहल को सहकारिता के आधुनिक रूप के रूप में पेश किया है,

जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म, पारदर्शी लेखांकन और सामूहिक स्वामित्व का समावेश है। यह बदलाव सहकारिता को केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहने देता, बल्कि इसे सेवा-आधारित और आधुनिक आर्थिक ढांचे में स्थापित करता है।
‘भारत टैक्सी’ न केवल एक परियोजना, बल्कि नए भारत की साझा-समृद्धि की कहानी है, जिसमें विकास का लाभ सीधे समाज तक पहुँचता है।









