बाराबंकी। Ahmadpur Toll Plaza : लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर अहमदपुर टोल प्लाजा के पास केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने नशे की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई कर सनसनी फैला दी।
सिलीगुड़ी से आ रही संदिग्ध डीसीएम की तलाशी में वाहन के भीतर बनाए गए गुप्त चैंबर से 2.156 किलोग्राम मॉर्फिन बरामद हुई।
नशे की खेप चार पैकेटों में छिपाकर ले जाई जा रही थी। मौके से शाहजहांपुर निवासी चालक खालिद हसन खान को गिरफ्तार कर लिया गया।
सीबीएन की टीम ने अधीक्षक महेश प्रताप के नेतृत्व में अहमदपुर टोल प्लाजा के पास संदिग्ध डीसीएम को रोककर तलाशी ली।
टीम में शैलेश मिश्र, विकास, मान सिंह, अमीष सिन्हा समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
सामान्य तलाशी के बाद टीम को वाहन के भीतर बने एक गुप्त चैंबर पर शक हुआ। चैंबर को खोलकर देखा गया तो उसमें चार पैकेट छिपे मिले।
पैकेट बाहर निकाले गए और जांच कराई गई तो उनमें मॉर्फिन होने की पुष्टि हुई। वजन कराने पर कुल मात्रा 2.156 किलो निकली।
गुप्त चैंबर ने खोला तस्करी का राज तस्करों ने नशीले पदार्थ को सामान्य सामान की आड़ में सुरक्षित तरीके से ले जाने के लिए डीसीएम में विशेष चैंबर तैयार कराया था।
हालांकि सीबीएन टीम की सतर्कता के आगे तस्करी का यह तरीका काम नहीं आया और नशे की पूरी खेप बरामद हो गई।
मॉर्फिन बरामद होने के बाद टीम ने डीसीएम को जब्त कर लिया और चालक खालिद हसन खान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा अब उस नेटवर्क तक बढ़ाया जा रहा है, जहां से मॉर्फिन की खेप रवाना हुई और जिसे इसकी डिलीवरी दी जानी थी।
आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
सीबीएन यह भी पता लगाने में जुटा है कि तस्करी के इस नेटवर्क में चालक के अलावा और कौन-कौन लोग जुड़े हैं तथा नशीले पदार्थ की सप्लाई कहां की जानी थी।

अहमदपुर टोल पर हुई कार्रवाई के बाद हाईवे से नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।









