बरेली : Bareilly College ने उच्च शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है।
बरेली कॉलेज, बरेली तथा विद्या श्री पार्थ महाविद्यालय, फरीदपुर ने उज़्बेकिस्तान के प्रतिष्ठित अलमालिक स्टेट टेक्निकल इंस्टिट्यूट, ताशकंद के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह करार भारत और उज़्बेकिस्तान के शैक्षिक संबंधों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
इस एमओयू के तहत दोनों देशों के छात्र और शिक्षक एक-दूसरे के संस्थानों में जाकर शोध, नवाचार और अकादमिक गतिविधियों में भाग लेंगे।
समझौते के अंतर्गत पर्यावरण विज्ञान, कंप्यूटर साइंस, लाइफ साइंस, पेट्रोलियम इंजीनियरिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों में संयुक्त शोध कार्य किए जाएंगे, जिससे वैश्विक स्तर पर ज्ञान का विस्तार होगा।
समझौते पर विद्या श्री पार्थ महाविद्यालय की ओर से प्रोफेसर शिव ओम सिंह, बरेली कॉलेज की ओर से प्रोफेसर राजेंद्र सिंह तथा अलमालिक स्टेट टेक्निकल इंस्टिट्यूट के निदेशक प्रोफेसर खलीलको उत्की मिर्जा ने हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर प्रोफेसर शिव ओम सिंह ने पेट्रोलियम पदार्थों एवं वैकल्पिक चिकित्सा पर शोध आधारित व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
विद्या श्री पार्थ महाविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. हरिओम सिंह राठौड़ एवं बरेली कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर ए.पी. राय ने इस उपलब्धि को संस्थानों के लिए गर्व का क्षण बताते हुए शुभकामनाएं दीं।

शिक्षाविदों का मानना है कि यह करार छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगा।









