लखनऊ : Bharat का ऑटोमोटिव आफ्टरमार्केट और ऑटो कंपोनेंट सेक्टर अब लोकल पहचान से आगे बढ़कर ग्लोबल सप्लाई चेन में तेज़ी से अपनी जगह बना रहा है।
पॉलिसी रिफॉर्म, बढ़ते निवेश और नई टेक्नोलॉजी को अपनाने की रफ्तार ने इस इंडस्ट्री को विकास के एक नए चरण में पहुंचा दिया है।
ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ACMA) के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में भारत की ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री का आकार 80.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है,
जिसमें आफ्टरमार्केट का योगदान 11.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। लोकलाइजेशन और एक्सपोर्ट अवसरों के विस्तार के साथ भारत वैश्विक आफ्टरमार्केट वैल्यू चेन में एक भरोसेमंद और प्रतिस्पर्धी साझेदार के रूप में उभर रहा है।
इसी परिदृश्य में, मेस्से फ्रैंकफर्ट ट्रेड फेयर्स इंडिया और ACMA के सहयोग से ACMA Automechanika New Delhi 2026 का आयोजन 5 से 7 फरवरी 2026 तक यशोभूमि, द्वारका (नई दिल्ली) में किया जाएगा।

यह अंतरराष्ट्रीय ट्रेड फेयर 870 से अधिक एग्जीबिटर्स को एक मंच पर लाएगा, जहां ओईएम, डिस्ट्रीब्यूटर्स, गैरेज, फ्लीट ऑपरेटर्स और अंतरराष्ट्रीय खरीदार आपस में जुड़ेंगे। ‘मेक इन इंडिया’, पीएलआई स्कीम और एफडीआई सुधारों से प्रेरित यह आयोजन भारत को मैन्युफैक्चरिंग, इनोवेशन और सस्टेनेबल मोबिलिटी के वैश्विक हब के रूप में और मज़बूती देगा ।









