लखनऊ : Janreshwar Mishra Park लखनऊ में स्थापित डायनासोर पार्क पीपीपी परियोजना इन दिनों गंभीर विवादों में घिरती नज़र आ रही है।
पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर विकसित इस परियोजना में निजी रियायतधारी कंपनी इन्फिनिटी9 की भूमिका को लेकर कई स्तरों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
यह पार्क 2 अक्टूबर 2024 को आम जनता के लिए खोला गया था, लेकिन उद्घाटन के कुछ ही महीनों बाद इसके निर्माण, निवेश और राजस्व दावों पर संदेह गहराने लगा।
परियोजना के लिए जारी आरएफपी के अनुसार कुल लागत लगभग ₹7.5 करोड़ स्वीकृत थी, जिसमें बड़ा हिस्सा लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा वहन किया गया।
इसके बावजूद, स्थल पर मौजूद संरचनाओं की गुणवत्ता और स्थायित्व उस निवेश स्तर को सही नहीं ठहराते।
विशेषज्ञों के अनुसार कई इंस्टॉलेशन अस्थायी या पुनः प्रयुक्त सामग्री से बने प्रतीत होते हैं, जिससे लागत बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने की आशंका जताई जा रही है।
राजस्व मॉडल को भी असंतुलित बताया जा रहा है, जहां टिकट बिक्री का बड़ा हिस्सा निजी संचालक को जाता है।
साथ ही, रेस्तरां और अतिरिक्त आकर्षणों से होने वाली आय के पारदर्शी बंटवारे का अभाव सामने आया है।
अगस्त 2025 में शिकायत के बाद एलडीए द्वारा सत्यापन और टिकटिंग व्यवस्था में बदलाव किए गए, लेकिन अब तक रियायतधारी की ओर से ऑडिटेड वित्तीय विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

यह मामला पीपीपी परियोजनाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और सार्वजनिक धन की सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस को जन्म दे रहा है।









