द स्वार्ड ऑफ इण्डिया, संवाददाता इरफान अहमद
बाराबंकी । jarman doolha जिले में इन दिनों एक अनोखी ‘इंटरनेशनल शादी’ चर्चा का केंद्र बनी हुई है, जहां सात समंदर पार से आया जर्मन दूल्हा भारतीय परंपराओं में रंगकर बाराबंकी की बेटी का जीवनसाथी बन गया।
उच्च शिक्षा के लिए विदेश गईं जिले की होनहार बेटी रुलन वर्मा ने जर्मनी के मार्कस के साथ हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार सात फेरे लेकर अपने नए जीवन की शुरुआत की।
रेलवे में असिस्टेंट इंजीनियर राज कुमार वर्मा की बेटी रुलन वर्मा ने जर्मनी से पीएचडी पूरी की है और वर्तमान में ऑस्ट्रिया के University of Vienna में प्रोफेसर व वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत हैं।
इसी दौरान उनकी मुलाकात जर्मनी के मार्कस से हुई, जो धीरे-धीरे दोस्ती से रिश्ते में बदली और फिर शादी के फैसले तक पहुंच गई।
16 लोगों की बारात लेकर पहुंचा जर्मन दूल्हा
शादी को यादगार बनाने के लिए दूल्हा अपने परिवार के 16 सदस्यों के साथ विशेष रूप से भारत पहुंचा।
बाराबंकी के एक प्रतिष्ठित होटल में आयोजित विवाह समारोह में हल्दी, मेहंदी, जयमाला समेत सभी रस्में पारंपरिक हिंदू विधि-विधान से संपन्न हुईं।
शेरवानी पहनकर दूल्हे ने न सिर्फ भारतीय संस्कृति को अपनाया, बल्कि हिंदी गानों पर जमकर डांस कर सभी का दिल जीत लिया।
विदेशी मेहमानों को भाया भारतीय रंग
दुल्हन के चाचा व कुर्मी नेता आरसी पटेल ने इस विवाह को जिले के लिए गौरव का क्षण बताया।
उन्होंने कहा कि जर्मनी से आए मेहमान भारतीय परिधान, खासकर साड़ियों और यहां के पारंपरिक व्यंजनों से बेहद प्रभावित नजर आए।
भाषा की बाधा के बावजूद विदेशी मेहमानों ने ‘आई लव माई इंडिया’ कहकर भारत के प्रति अपना प्रेम भी जाहिर किया।
दो देशों की संस्कृति का संगम बनी शादी
हिंदू रीति-रिवाजों के साथ संपन्न इस विवाह के बाद दुल्हन अपने पति के साथ जर्मनी के लिए रवाना हो गईं।

यह शादी सिर्फ दो दिलों का नहीं, बल्कि भारत और जर्मनी की संस्कृतियों के खूबसूरत मिलन का प्रतीक बनकर सामने आई है — जिसकी चर्चा अब पूरे बाराबंकी में हो रही है।








