लखनऊ : upitex 2026″ उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो (यूपीआईटेक्स 2026) का चौथा संस्करण उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश संभावनाओं और सांस्कृतिक विविधता को वैश्विक मंच पर मजबूती से प्रस्तुत कर रहा है।
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) के उत्तर प्रदेश स्टेट चैप्टर द्वारा ओडीओपी और इन्वेस्ट यूपी (उत्तर प्रदेश सरकार) के सहयोग से आयोजित यह आयोजन अब उत्तर भारत के प्रमुख व्यापार मेलों में शुमार हो चुका है।
यूपीआईटेक्स 2026 का उद्देश्य राज्य के एमएसएमई को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना, पारंपरिक शिल्प को नई पहचान देना और स्थानीय उत्पादों को “लोकल से ग्लोबल” की दिशा में आगे बढ़ाना है।
यह एक्सपो उत्तर प्रदेश को निवेश के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद गंतव्य के रूप में भी प्रस्तुत कर रहा है, साथ ही ग्रामीण आजीविका, पर्यटन और स्टार्टअप संस्कृति को प्रोत्साहन दे रहा है।
400 से अधिक स्टॉलों के साथ इस एक्सपो में हस्तशिल्प, वस्त्र, इंजीनियरिंग, लेदर, एफएमसीजी, एग्रो प्रोसेसिंग, बैंकिंग, ऑटोमोबाइल और इत्र उद्योग की व्यापक झलक देखने को मिल रही है।
मुरादाबाद का पीतल, फिरोजाबाद का कांच, भदोही-मिर्जापुर की कालीन, कन्नौज के इत्र और आगरा-अलीगढ़ का लेदर उत्पाद आगंतुकों और विदेशी खरीदारों का विशेष आकर्षण बने हुए हैं।
नाबार्ड, सिडबी, एसबीआई, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और एनएसई जैसी संस्थाओं की भागीदारी एमएसएमई को वित्तीय समावेशन, निवेश मार्गदर्शन और बाजार तक पहुंच प्रदान कर रही है।
ईपीसीएच और नेशनल जूट बोर्ड के पवेलियन निर्यात योग्य, जीआई-टैग्ड और पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों को बढ़ावा दे रहे हैं।
व्यापारिक गतिविधियों के साथ-साथ यूपीआईटेक्स 2026 एक रंगारंग सांस्कृतिक उत्सव का भी रूप ले चुका है।
देशभर के व्यंजन, लाइव म्यूजिक, नृत्य प्रस्तुतियां और फैशन शो इसे एक यादगार अनुभव बना रहे हैं।

कुल मिलाकर, यूपीआईटेक्स 2026 उत्तर प्रदेश की उद्यमशीलता, शिल्प और संस्कृति का सशक्त संगम बनकर राज्य को आर्थिक प्रगति की नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहा है।









