लखनऊ : राजधानी के होटल डायमंड पैलेस में मरहूम इल्तिफत हुसैन आज़मी की स्मृति को समर्पित पुस्तक ‘मेरे अब्बू’ का भव्य विमोचन समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में उनके सामाजिक जीवन, संघर्ष, मानवीय संवेदनाओं और जरूरतमंदों की मदद से जुड़े पहलुओं को याद किया गया।
पुस्तक का विमोचन पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव, अबू हाशिम आज़मी, वसीम अहमद आज़मी, मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली और देवा शरीफ के सपा नेता कय्यूम प्रधान सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया। वक्ताओं ने पुस्तक को भावी पीढ़ी के लिए उपयोगी दस्तावेज बताया।

अबू हाशिम आज़मी ने इल्तिफत हुसैन आज़मी से जुड़े संस्मरण साझा किए। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में मुंबई पहुंचने के दौरान इल्तिफत हुसैन आज़मी ने उन्हें सहयोग और मार्गदर्शन दिया था।
वहीं शिवपाल सिंह यादव ने उनके सामाजिक एवं संगठनात्मक योगदान को याद किया। कय्यूम प्रधान ने कहा कि इल्तिफत हुसैन आज़मी जरूरतमंदों की सहायता के लिए हमेशा आगे रहते थे।

वक्ताओं ने उनके बेटे वसीम अहमद आज़मी द्वारा समाजसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने का भी उल्लेख किया। पुस्तक विमोचन के बाद आयोजित मुशायरे में नामचीन शायरों ने गजल, नज्म और कलाम पेश किए। देर रात तक चले कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।









