नई दिल्ली । Sonam Wangchuk “सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को लेकर अदालत में एक जनहित याचिका दायर की गई है।
याचिका अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता राकेश कुमार सैनी की ओर से दाखिल की गई, जिसमें वांगचुक की लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति पर तत्काल न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की गई है।
याचिका में दावा किया गया है कि लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक का वजन लगभग 8.5 किलोग्राम तक कम हो चुका है।
उनके स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आने की आशंका जताते हुए कहा गया है कि यदि अनशन इसी तरह जारी रहा तो आने वाले दो दिनों में उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है।
अदालत से अनुरोध किया गया है कि वांगचुक को तुरंत किसी सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया जाए, जहां चिकित्सकों की निगरानी में आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
याचिका में यह भी कहा गया है कि यदि जरूरत पड़े तो उनकी इच्छा के विरुद्ध भी तरल पोषण, आवश्यक विटामिन और खनिज तत्व दिए जाएं, ताकि शरीर को जरूरी पोषण मिलता रहे और उनकी स्थिति और अधिक गंभीर न हो।

याचिकाकर्ता का कहना है कि किसी भी नागरिक के जीवन की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अदालत से शीघ्र हस्तक्षेप की अपील करते हुए कहा कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए और वांगचुक के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो यह देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद दुखद और शर्मनाक स्थिति मानी जाएगी।









