बहेड़ी : खानकाह-ए-आलिया मंजूरिया शाहिदिया जामिया गौसिया बशीरूल उलूम, मुशेखूपुर में आयोजित 80वें सालाना उर्स ए बशीरी व मंजूरी के दूसरे दिन धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में जायरीन शामिल हुए।
पूरे दिन दरगाह पर अकीदतमंदों की आवाजाही बनी रही। सुबह फज्र की नमाज के बाद सलातो-सलाम और हल्का-ए-जिक्र हुआ।
इसके बाद जायरीनों ने हजरत शाह सय्यद मंजूर अली मियां और हजरत मौलाना सय्यद शाहिद अली मियां के मजार पर फातिहा पढ़ी तथा चादरपोशी और गुलपोशी कर अकीदत पेश की।
नमाज-ए-असर के बाद पहले कुल शरीफ की महफिल सजी। कुरआन की तिलावत और नात-मनकबत के बाद मौलाना खलीक शाहिदी ने औलिया-ए-किराम की ताजीम करने और उनके बताए रास्ते पर चलने का संदेश दिया।
सज्जादानशीन सय्यद फैजी मियां और मौलाना सय्यद नूरी मियां ने विशेष दुआ कराई। मगरिब के बाद लंगर और इशा के बाद जलसा-ए-दस्तारबंदी आयोजित हुआ।

इसमें स्थानीय और बाहरी उलेमाओं ने तकरीर की, जबकि शायरों ने अपने कलाम पेश किए। मदरसा जामिया गौसिया बशीरूल उलूम के 12 फारिग छात्रों की दस्तारबंदी की गई।
जलसा रात दो बजे तक चला। इसके बाद आखिरी कुल शरीफ की रस्म अदा कर देश में अमन-ओ-अमान की दुआ मांगी गई। उर्स के दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।









