लखनऊ । सर्वधर्माय संस्थानम एवं जश्ने-ए-आज़ादी के संयुक्त तत्वावधान में प्रथम राष्ट्रस्तरीय सर्वधर्म समरसता सम्मेलन का आयोजन 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में किया गया।
यह सम्मेलन भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, कैसरबाग परिसर स्थित राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में प्रातः 10 बजे से अपराह्न 3 बजे तक सम्पन्न हुआ।
इस ऐतिहासिक सम्मेलन की विशेषता यह रही कि पहली बार एक ही मंच पर विभिन्न धर्मों के प्रतिष्ठित धर्मगुरु, चिंतक और सामाजिक प्रतिनिधि एकत्र हुए।
सभी वक्ताओं ने समाजोत्थान, आपसी सौहार्द, धार्मिक समरसता, राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रधर्म जैसे विषयों पर अपने विचार साझा किए।
वक्ताओं ने कहा कि विविधताओं से भरे भारतीय समाज में एकता और परस्पर सम्मान ही देश को प्रगति के पथ पर आगे ले जा सकता है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि जी महाराज रहे।

विशिष्ट अतिथियों में महंत दिव्यगिरी जी महाराज, मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली, डॉ. सौमित्रि प्रपन्नाचार्य, डॉ. स्वामी सच्चिदानंद चित्रगुप्त जी महाराज, श्री परमिंदर सिंह, श्री राकेश मैसी, श्री मुरलीधर आहूजा, डॉ. ए.के. सचान, डॉ. नीरज जैन, श्रीमती सपना गोयल, डॉ. रमेश श्रीवास्तव, श्रीमती समता बाफिला, श्री अनूप श्रीवास्तव एवं प्रो. आर्किटेक्ट सुनील कुमार श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सम्मेलन की अध्यक्षता शेखर श्रीवास्तव ने की।

कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि सर्वधर्म समभाव और राष्ट्रीय एकता ही भारत को वैश्विक स्तर पर सशक्त बना सकती है।









