लखनऊ : Fertility समय के साथ घटती है, लेकिन यह सच्चाई अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती है। खासकर 35 वर्ष से अधिक उम्र के दंपति यह मान लेते हैं कि उनके पास अभी पर्याप्त समय है, जबकि हकीकत इससे अलग है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 30 की उम्र के बाद ही महिलाओं की प्रजनन क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है और 35 के बाद यह गिरावट तेज हो जाती है।
फर्टिलिटी विशेषज्ञों का कहना है कि कई दंपति जागरूकता की कमी के कारण लंबे समय तक इंतजार करते रहते हैं।
एक वर्ष तक प्रयास करने का सामान्य नियम 35 से कम उम्र वालों पर लागू होता है, लेकिन अधिक उम्र के मामलों में यह रणनीति नुकसानदेह साबित हो सकती है।
अब चिकित्सा विशेषज्ञ स्पष्ट रूप से सलाह देते हैं कि यदि 35 से अधिक उम्र के दंपति छह महीने तक प्रयास के बाद भी गर्भधारण नहीं कर पाते, तो तुरंत जांच करानी चाहिए।
समय पर जांच से अंडाणुओं की घटती गुणवत्ता, हार्मोनल असंतुलन या पुरुष पक्ष से जुड़ी समस्याएं समय रहते सामने आ सकती हैं।

देरी होने पर न केवल विकल्प सीमित हो जाते हैं, बल्कि उपचार जटिल और महंगा भी हो सकता है। इसलिए सही समय पर कदम उठाना ही बेहतर परिणाम की कुंजी है।








