बरेली : उर्स-ए-रज़वी के दूसरे दिन तहफ़्फुज़-ए-मज़हब-ओ-मसलक कॉन्फ्रेंस के दौरान अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से लेकर शिक्षा और सामाजिक एकता तक कई अहम विषयों पर चर्चा हुई।
सम्मेलन में विभिन्न इस्लामी विद्वानों ने अपने विचार रखे और समाज से शिक्षा, भाईचारे तथा जिम्मेदार नागरिकता को अपनाने की अपील की।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुफ्ती सलीम बरेलवी ने हालिया अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष को राजनीतिक प्रकृति का बताते हुए कहा कि इसे धार्मिक युद्ध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने मुस्लिम समाज से आधुनिक शिक्षा को प्राथमिकता देने, युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने और अपने क्षेत्रों में बेहतर शिक्षण संस्थान विकसित करने का आह्वान किया।
कारी यूसुफ रज़ा संभली ने बेटियों की शिक्षा और संस्कारों पर विशेष जोर देते हुए अभिभावकों से उन्हें बेहतर मार्गदर्शन देने की अपील की। वहीं कारी अब्दुर्रहमान क़ादरी ने आपसी एकता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान कुल शरीफ की रस्म अदा की गई और देश की शांति, खुशहाली तथा सामाजिक सद्भाव के लिए विशेष दुआ की गई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दरगाह पहुंचकर चादर पेश की और जुमे की नमाज में भी शामिल हुए।









