लखनऊ : Long Time से बने दर्द को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा मानना गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है।
दर्द के उपचार को लेकर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सितंबर में विशेषज्ञ लोगों को समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील कर रहे हैं।
रुसानमेड के 2025 में किए गए देशव्यापी सर्वे में 746 डॉक्टर शामिल हुए। सर्वे में 47.3 प्रतिशत चिकित्सकों ने बताया कि मरीज अक्सर दर्द की जांच कराने में देरी करते हैं।
कुछ लोग कई महीनों से लेकर वर्षों तक दर्द सहते रहते हैं, जिससे समस्या लगातार बढ़ सकती है। लखनऊ के लैपेटोस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में पेन मैनेजमेंट विभाग के प्रमुख डॉ. देवेंद्र सिंह ने बताया कि लंबे समय तक दर्द रहने से नींद, मानसिक स्वास्थ्य, काम और पारिवारिक संबंध प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि लगातार दर्द को नजरअंदाज करने के बजाय उसकी वजह जानना और समय पर उपचार शुरू करना जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार दर्द की प्रकृति और गंभीरता के आधार पर उपचार की अलग-अलग पद्धतियां उपलब्ध हैं। कुछ मामलों में दवाओं के साथ ट्रांसडर्मल पैच का इस्तेमाल भी किया जाता है,
जो त्वचा के माध्यम से धीरे-धीरे दवा पहुंचाते हैं। रुसान हेल्थकेयर की सीएमओ मालविका कौर सक्सेना ने कहा कि लंबे समय तक दर्द झेलना सामान्य नहीं है। लोगों को इसके कारणों और उपलब्ध उपचार विकल्पों के बारे में जागरूक किया जाना जरूरी है।








