तिर्वा कन्नौज : Saving water ही भविष्य बचाना, कन्नौज में संरक्षण का लिया संकल्प . भू-गर्भ जल सप्ताह-2026 के तहत रविवार को राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में जिला प्रशासन के तत्वावधान में भू-गर्भ जल संरक्षण एवं जन-जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उप जिलाधिकारी सुश्री वैशाली ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए जल संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण समय की सबसे बड़ी जरूरत है। सहायक अभियंता लघु सिंचाई रामजी पटेल ने सरकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए वर्षा जल संचयन को भू-जल संरक्षण का सबसे प्रभावी उपाय बताया।
भू-गर्भ जल विभाग के अधिकारियों ने भू-जल की स्थिति, भू-गर्भ जल अधिनियम-2019 और जल पुनर्भरण संरचनाओं के महत्व पर प्रकाश डाला।

उप कृषि निदेशक ने किसानों से ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई तकनीक अपनाने की अपील की। जल निगम और स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधियों ने सुरक्षित पेयजल, जल के विवेकपूर्ण उपयोग तथा जलजनित रोगों से बचाव की जानकारी दी।
अंत में सभी प्रतिभागियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। संस्थान के निदेशक प्रो. मनोज कुमार शुक्ला ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।









