लखनऊ । Montra Electric ने अपने इलेक्ट्रिक स्मॉल कमर्शियल व्हीकल (ई-एससीवी) पोर्टफोलियो को विस्तार देते हुए दो नए वेरिएंट **एविएटर 350 (32 kWh)** और **एविएटर 350 L Plus (50 kWh)** लॉन्च करने की घोषणा की है।
कंपनी का कहना है कि इन नए मॉडलों को वास्तविक उपयोग से मिले डेटा के आधार पर विकसित किया गया है, जिससे अलग-अलग प्रकार के व्यावसायिक कार्यों के लिए बेहतर समाधान तैयार किया जा सके।
कंपनी के अनुसार, उसके 600 से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों के फ्लीट ने अब तक 65 लाख किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय की है।
इस अनुभव के आधार पर विभिन्न कार्य-प्रणालियों (ड्यूटी साइकिल) को समझते हुए नए वेरिएंट्स को डिजाइन किया गया है, ताकि अलग-अलग जरूरतों के अनुसार उपयुक्त विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।
जहां मौजूदा 40 kWh क्षमता वाला एविएटर मॉडल इस श्रृंखला का मुख्य आधार बना रहेगा, वहीं नया 32 kWh वेरिएंट खास तौर पर शहरी क्षेत्रों की लास्ट-माइल डिलीवरी जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
यह वेरिएंट करीब 140 किलोमीटर तक की दूरी तय करने में सक्षम है और किफायती कीमत पर उच्च अपटाइम देने का दावा करता है।
दूसरी ओर, 50 kWh क्षमता वाला एविएटर 350 L Plus लंबी दूरी की ढुलाई के लिए पेश किया गया है।
कंपनी के अनुसार, यह मॉडल 300 किलोमीटर से अधिक की प्रमाणित रेंज और 200 किलोमीटर से अधिक की वास्तविक उपयोग रेंज देने में सक्षम है।
इससे इंटर-सिटी लॉजिस्टिक्स, रेफ्रिजरेटेड वाहनों (रीफर) और नगर निगम सेवाओं जैसे कार्यों में उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कंपनी ने बताया कि यह विस्तार जनवरी 2025 में लॉन्च किए गए एविएटर 350 L की सफलता के बाद किया गया है।
इस मॉडल ने लॉन्च के महज 11 महीनों के भीतर 3.5 टन सेगमेंट में 30 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सेदारी हासिल की थी।
Jalaj Gupta ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़े पैमाने पर अपनाने का अगला चरण केवल उत्पाद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इस बात पर निर्भर करेगा कि वाहन वास्तविक कामकाज में कितनी प्रभावी तरीके से उपयोग किए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि कंपनी ने अपने व्यापक फ्लीट डेटा का उपयोग कर ऐसी रणनीति तैयार की है, जिसमें ग्राहक अपनी जरूरतों के अनुसार बैटरी और उपयोग विकल्प चुन सकते हैं,
जिससे अपटाइम और निवेश पर मिलने वाला लाभ बेहतर हो सके। वहीं Saju Nair ने कहा कि नए वेरिएंट्स के साथ कंपनी का उद्देश्य माल परिवहन से जुड़ी विभिन्न जरूरतों को पूरा करना है
—चाहे वह शहर के भीतर छोटी दूरी की डिलीवरी हो या लंबी दूरी तक लगातार संचालन। इससे फ्लीट ऑपरेटर अपनी जरूरतों के अनुसार इलेक्ट्रिक वाहनों का बेहतर उपयोग कर सकेंगे और लागत में कमी ला सकेंगे।








