कुशीनगर : Van Mahotsav के अवसर पर वन विभाग, कुशीनगर एवं विवेकानंद युवा कल्याण केंद्र, पडरौना के संयुक्त तत्वावधान में बाणी नदी के तट पर स्थित जंगल बेलवा के विवेकानंद अरण्य बिहार एवं ध्यान केंद्र (पंचवटी) परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति के प्रति सम्मान एवं संरक्षण की समृद्ध परंपरा रही है।
वृक्ष, नदियां तथा पशु-पक्षी हमारी सांस्कृतिक धरोहर के अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन, स्वास्थ्य, ज्ञान एवं लोककल्याण के प्रतीक हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों से अपने जीवन के प्रत्येक विशेष अवसर पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाने तथा उसके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण भी पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण आधार है। जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण कर ही भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।

उन्होंने समाज के सभी वर्गों से प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की।कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विषय में सरल एवं व्यवहारिक जानकारी देते हुए इसके सकारात्मक एवं रचनात्मक उपयोग पर बल दिया।
कार्यक्रम का संचालन विवेकानंद युवा कल्याण केंद्र के सचिव एवं आयोजक डॉ. सी. बी. सिंह ने किया। उन्होंने विवेकानंद अरण्य बिहार एवं ध्यान केंद्र की स्थापना एवं उसके उद्देश्यों की जानकारी दी। कार्यक्रम में हनुमान इंटरमीडिएट कॉलेज, पडरौना के प्रधानाचार्य शैलेंद्र दत्त शुक्ल ने अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर हनुमान विद्यालय के प्रबंधक मनोज सारस्वत, वन विभाग के अधिकारी, समाजसेवी डॉ. कुर्बान अंसारी, विवेकानंद विद्यालय के छात्र-छात्राएं, शिक्षकगण तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।









