भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है। करीब 17 वर्षों के लंबे करियर के बाद रहाणे ने भावुक संदेश जारी करते हुए क्रिकेट को अलविदा कहने का फैसला किया।
रहाणे ने कहा कि जीवन में हर चीज का एक सही समय होता है और अब उन्हें लगता है कि आगे बढ़ने का यही उचित अवसर है। उन्होंने बताया कि बल्लेबाजी में उन्होंने हमेशा समय की अहमियत को समझा और उसी विश्वास के साथ अपने करियर को आगे बढ़ाया।
38 वर्षीय रहाणे ने अपना आखिरी प्रतिस्पर्धी मुकाबला आईपीएल 2026 में खेला था, जहां उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स की कप्तानी करते हुए 14 मैचों में 335 रन बनाए।
हालांकि उन्होंने हाल में भारतीय टीम में वापसी की उम्मीद जताई थी, लेकिन अब उन्होंने संन्यास का फैसला लिया है। रहाणे ने 2011 में भारत के लिए टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके बाद उन्होंने वनडे और टेस्ट टीम में अपनी जगह बनाई।

टेस्ट क्रिकेट में वह भारत के भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रहे और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गाबा टेस्ट की ऐतिहासिक जीत में उनकी कप्तानी और योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। उनके संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट के एक शांत, जिम्मेदार और भरोसेमंद बल्लेबाज के युग का अंत हो गया।








