कानपुर : Cancer के उपचार और आयुर्वेदिक शोध की संभावनाओं को लेकर कानपुर देहात के बैकुंठपुर स्थित महाराणा प्रताप आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई।
आयुर्वेद डे सेलिब्रेशन फेज के तहत हुए इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “पंचगव्य का कैंसर पर प्रभाव” रहा। रस शास्त्र एवं भैषज्य कल्पना विभाग तथा रिसर्च एंड इनोवेशन सेल के संयुक्त आयोजन में पंचगव्य से जुड़े अनुसंधान, इसके संभावित औषधीय प्रभाव और कैंसर के संदर्भ में वैज्ञानिक अध्ययन पर चर्चा हुई।
मुख्य अतिथि श्री गौ-सेवा अनुसंधान, नागपुर के कोऑर्डिनेटर सुनील सिंह मान ने पंचगव्य पर चल रहे शोध और प्रयोगशाला आधारित गतिविधियों की जानकारी साझा की।

उन्होंने पारंपरिक गौ-उत्पादों के वैज्ञानिक परीक्षणों से जुड़े प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। कॉलेज के निदेशक प्रो. डॉ. आलोक कुमार मिश्रा ने “सोशल इम्पैक्ट ऑफ पंचगव्य” विषय पर प्रस्तुति दी।
वहीं शल्य तंत्र विभाग के डॉ. एम.के. सिंह ने “क्रीमिज वर्ण पर पंचगव्य प्रभाव” से संबंधित शोध प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समन्वय डॉ. राहुल शर्मा ने किया।
प्राचार्य डॉ. बी.पी. पटेल और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. मनीष कुमार सिंह की मौजूदगी में विद्यार्थियों और फैकल्टी ने सहभागिता की।

कार्यशाला में कैंसर के उपचार के लिए पंचगव्य को सिद्ध उपचार के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय इसके अनुसंधान और वैज्ञानिक संभावनाओं पर अकादमिक चर्चा को केंद्र में रखा गया।









