लखनऊ : Samsung Solve for Tomorrow ने वाराणसी छात्र के सपने को दिया मंच . जटिल कानूनी, वित्तीय और सरकारी दस्तावेजों को समझने की चुनौती को तकनीक के जरिए आसान बनाने की कोशिश कर रहे वाराणसी के युवा इनोवेटर अभिनव जायसवाल ने अपने विचार से नई पहचान बनाई है।
बलिया में पले-बढ़े अभिनव का यह कॉन्सेप्ट अब Samsung Solve for Tomorrow 2026 के Top 20 तक पहुंच चुका है। अभिनव ने ऐसे समाधान की कल्पना की है,
जो कठिन भाषा वाले दस्तावेजों में मौजूद जरूरी जानकारी को आम लोगों के लिए अधिक सरल और समझने योग्य तरीके से प्रस्तुत करने में मदद कर सके। इसका उद्देश्य खासतौर पर उन लोगों की समस्या को कम करना है,
जिन्हें दस्तावेज पढ़ने या उनकी कानूनी एवं वित्तीय भाषा समझने में परेशानी होती है। AI, मशीन लर्निंग और STEM में रुचि रखने वाले अभिनव ने अपने आसपास की समस्या को तकनीकी चुनौती के रूप में देखा।
Samsung के कार्यक्रम से जुड़े बूटकैंप और मेंटरशिप ने उन्हें अपने विचार को केवल टेक्नोलॉजी तक सीमित रखने के बजाय संभावित उपयोगकर्ताओं की जरूरतों पर ध्यान देने का अवसर दिया।

मेंटर्स के साथ चर्चा के दौरान उन्होंने प्रोटोटाइप को अधिक प्रभावी तरीके से पेश करने, समस्या को स्पष्ट करने और समाधान के वास्तविक उपयोग को समझाने पर काम किया। उनका प्रोटोटाइप अभी विकास की प्रक्रिया में है।
अभिनव का कहना है कि इस सफर ने उन्हें सिखाया कि किसी आइडिया को सफल समाधान बनाने के लिए लगातार परीक्षण, फीडबैक और सुधार जरूरी है।








