संवाददाता इरफान अहमद
रामसनेहीघाट (बाराबंकी) । BARABANKI NEWS” सरयू नदी के उफान के बाद अब जलस्तर में धीरे-धीरे गिरावट शुरू हो गई है।
बुधवार दोपहर 12 बजे एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.440 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। खतरे का निशान 106.070 मीटर निर्धारित है,
जबकि जलस्तर इससे 37 सेंटीमीटर अधिक रहा। वहीं चेतावनी स्तर 105.070 मीटर है, जिसके मुकाबले नदी का पानी 1.37 मीटर ऊपर बना हुआ है।
सरयू के बढ़े जलस्तर से रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के जलालपुर तराई, गुनौली, ढेमा समेत कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। गांवों के आसपास पानी भरने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं।
हालांकि जलस्तर में कमी आने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है। प्रभावित गांवों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। नावों के जरिए ग्रामीणों तक भोजन, दवाएं और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है।
तहसीलदार शशांक नाथ उपाध्याय ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रतिदिन करीब 3900 भोजन पैकेट वितरित कराए जा रहे हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य टीमों को प्रभावित इलाकों में लगाया गया है,
ताकि ग्रामीणों को किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या होने पर तत्काल उपचार मिल सके। राजस्व कर्मी भी गांवों में तैनात रहकर हालात पर नजर रख रहे हैं।
एसडीएम बृजेंद्र उपाध्याय, तहसीलदार शशांक नाथ उपाध्याय और नायब तहसीलदार लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। अधिकारी ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनने के साथ राहत व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं।
प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को भरोसा दिलाया जा रहा है कि पानी उतरने तक राहत कार्य में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी।
उधर, बाढ़ के पानी से किसानों की फसलों और ग्रामीणों को हुए नुकसान का आकलन भी शुरू कर दिया गया है। प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का जायजा ले रही हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि सर्वे का काम जल्द पूरा कराकर प्रभावित किसानों और परिवारों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाए।
साथ ही पानी पूरी तरह उतरने तक गांवों में भोजन, दवा, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य जरूरी राहत सामग्री की आपूर्ति लगातार जारी रखी जाए।










