रांची : Jharkhand Protest सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC-CGL) परीक्षा और उससे जुड़ी पूरी प्रक्रिया रद्द करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कैबिनेट बैठक के बाद यह निर्णय लिया। इसके साथ ही टेक्नोक्रेटिक डायनमोस प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) से जुड़ी परीक्षाओं, परिणामों और चयन प्रक्रिया की भी जांच होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वर्ष 2014 से अब तक आयोजित प्रमुख और छोटी-बड़ी सभी भर्ती परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं की व्यापक जांच कराई जाएगी।
इसके लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है।
सरकार का यह कदम छात्रों और अभ्यर्थियों के 24 दिनों से चल रहे आंदोलन के बाद सामने आया। प्रदर्शनकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने फैसले का स्वागत करते हुए 16 दिनों से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया। सोरेन ने बताया कि SIT और CID की जांच में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
जांच में अलग-अलग समय पर राज्य में काम करने वाली कई कंपनियों के नेटवर्क की भी जानकारी मिली है। छात्र नेताओं ने कहा कि आंदोलन समाप्त किया जा रहा है,
लेकिन भविष्य में पेपर लीक और परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों को रोकने के लिए मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था लागू करना जरूरी है।










