Motor Insurance में नो क्लेम बोनस यानी एनसीबी पॉलिसीधारकों को क्लेम-फ्री रहने पर मिलने वाली प्रीमियम छूट है। यह सुविधा वाहन मालिकों के लिए लंबे समय में इंश्योरेंस खर्च कम करने में मदद कर सकती है।
एनसीबी मुख्य रूप से पॉलिसी के ओन-डैमेज हिस्से पर लागू होता है। थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस का प्रीमियम इससे प्रभावित नहीं होता। लगातार क्लेम-फ्री वर्षों के साथ एनसीबी का प्रतिशत बढ़ता है और रिन्यूअल के समय पॉलिसीधारक को अधिक छूट मिल सकती है।
आमतौर पर एक क्लेम-फ्री वर्ष के बाद 20 प्रतिशत, दो वर्षों पर 25 प्रतिशत, तीन वर्षों पर 35 प्रतिशत, चार वर्षों पर 45 प्रतिशत और पांच लगातार वर्षों के बाद 50 प्रतिशत तक एनसीबी का प्रावधान बताया जाता है।
हालांकि, वास्तविक लाभ पॉलिसी की शर्तों और लागू नियमों पर निर्भर करता है। मसलन, यदि ओन-डैमेज प्रीमियम 15 हजार रुपये है और पॉलिसीधारक को 20 प्रतिशत एनसीबी मिलता है,

तो 3 हजार रुपये की छूट के बाद प्रीमियम 12 हजार रुपये हो सकता है। अगर पॉलिसी अवधि में ओन-डैमेज क्लेम किया जाता है, तो अगली रिन्यूअल पर जमा एनसीबी प्रभावित या समाप्त हो सकता है।
वहीं, एनसीबी सामान्यतः पॉलिसीधारक से जुड़ा होता है और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने पर नए वाहन या दूसरी इंश्योरेंस कंपनी में इसे जारी रखा जा सकता है।








