मथुरा । ovarian cancer” महिलाओं में तेजी से बढ़ रही गंभीर बीमारियों में ओवेरियन कैंसर एक बड़ी चिंता बनकर सामने आ रहा है। इसे “साइलेंट किलर” इसलिए कहा जाता है
क्योंकि शुरुआती दौर में इसके लक्षण बेहद सामान्य दिखाई देते हैं और अधिकतर महिलाएं इन्हें आम स्वास्थ्य समस्या समझकर टाल देती हैं।
पेट फूलना, पेल्विक हिस्से में लगातार दर्द, कम भोजन में पेट भरा महसूस होना, बार-बार पेशाब आना या अचानक वजन में बदलाव जैसे संकेत इस बीमारी की ओर इशारा कर सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार 50 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में इसका खतरा अधिक रहता है, खासकर उन लोगों में जिनके परिवार में ब्रेस्ट, ओवेरियन या कोलोरेक्टल कैंसर का इतिहास हो।
समय पर पहचान न होने की वजह से कई मामलों में बीमारी एडवांस स्टेज में पहुंच जाती है, जिससे इलाज चुनौतीपूर्ण बन जाता है।
मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, नोएडा के विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों ने ओवेरियन कैंसर के इलाज को पहले से अधिक प्रभावी बना दिया है।
अब मिनिमली इनवेसिव सर्जरी, टार्गेटेड थेरेपी और प्लेटिनम-बेस्ड कीमोथेरेपी के जरिए मरीजों को बेहतर उपचार मिल रहा है।

HIPEC और Fertility Sparing Surgery जैसी नई तकनीकें भी महिलाओं के लिए उम्मीद बन रही हैं, जिससे रिकवरी तेज होती है और भविष्य की संभावनाएं सुरक्षित रहती हैं।








