BARABANKI NEWS पंचायत सहायकों ने बढ़े मानदेय को लेकर उठाई आवाज

द स्वार्ड ऑफ इण्डिया
संवाददाता इरफान अहमद
रामसनेहीघाट (बाराबंकी) । BARABANKI NEWS ग्राम पंचायतों में डिजिटल और प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा रहे पंचायत सहायकों ने शनिवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।

पंचायत सहायकों के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यमंत्री सतीश शर्मा को ज्ञापन सौंपकर मानदेय में भारी वृद्धि, स्थायी सेवा नियमावली और सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

ज्ञापन में पंचायत सहायकों ने कहा कि वे ग्राम पंचायतों में शासन की विभिन्न योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने, ऑनलाइन सेवाओं के संचालन, अभिलेखों के डिजिटलीकरण और आयुष्मान कार्ड निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लगातार योगदान दे रहे हैं।

इसके बावजूद उन्हें मात्र 6,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में बेहद अपर्याप्त है।

पंचायत सहायकों का कहना है कि इतने कम मानदेय में परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य संबंधी खर्च और दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है।

आर्थिक तंगी के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर ग्राम पंचायत सचिव के समान 30,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम कुशल मजदूरी दर लागू करने, संविदा व्यवस्था समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली बनाने और सेवा सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग उठाई गई।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि पंचायत सहायक ग्रामीण स्तर पर सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

ऐसे में उन्हें और उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी दिया जाना चाहिए।

राज्यमंत्री सतीश शर्मा ने पंचायत सहायकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनका ज्ञापन स्वीकार किया।

उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रयास किया जाएगा।

पंचायत सहायकों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर उन्हें आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करेगी, जिससे वे और अधिक प्रभावी ढंग से ग्रामीण विकास कार्यों में योगदान दे सकें।

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