बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद की पार्टी में भूमिका को लेकर अहम निर्णय लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है
कि फिलहाल आकाश आनंद को संगठन की कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी। मायावती की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की गई पार्टी की प्रेस विज्ञप्ति में इस फैसले की जानकारी दी गई।
बयान में उन्होंने पार्टी संस्थापक कांशीराम की उस नीति का उल्लेख किया, जिसमें परिवार और रिश्तेदारों को संगठनात्मक गतिविधियों में सहयोग की अनुमति थी, लेकिन चुनाव लड़ाने या सत्ता में आने पर पद देने के विचार का समर्थन नहीं किया गया था।
मायावती ने कहा कि इसी सिद्धांत के तहत आकाश आनंद को पार्टी के कामकाज में सक्रिय रहने की अनुमति दी गई है।
हालांकि, उनके मुताबिक आकाश को अभी राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर और अनुभव हासिल करने की आवश्यकता है। इसी वजह से उन्हें फिलहाल बड़ी जिम्मेदारी देना उचित नहीं माना गया है।

बसपा प्रमुख ने यह भी संकेत दिया कि चुनावी परिस्थितियों को देखते हुए संगठन को किसी भी संभावित राजनीतिक रणनीति से नुकसान से बचाना जरूरी है।
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। ऐसे समय में मायावती का यह फैसला बसपा की आगामी रणनीति और संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।









