नई दिल्ली । Sonam Wangchuk” सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें शनिवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इसके बाद जंतर-मंतर, नई दिल्ली जिले के कई संवेदनशील इलाकों और अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
बड़ी संख्या में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। प्रशासन के अनुसार, वांगचुक को चिकित्सकीय सलाह और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप अस्पताल ले जाया गया।
इस दौरान जंतर-मंतर पर हल्का हंगामा भी देखने को मिला। पुलिस का कहना है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई में बाधा डालने की कोशिश की, जिसके बाद अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए और बैरिकेडिंग कर आवाजाही को नियंत्रित किया गया।
उधर, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के अध्यक्ष शरद पवार ने केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों से जुड़े मुद्दे पर सरकार ने समय रहते गंभीरता नहीं दिखाई।
उनका आरोप था कि जब स्थिति अधिक गंभीर हो गई, तब जाकर प्रशासन ने कदम उठाया। पवार ने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अभी समाप्त नहीं होगा और आगामी संसद सत्र में भी यह मुद्दा उठाया जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि विभिन्न विपक्षी दल आंदोलन के समर्थन में एकजुट हैं और छात्रों के हितों से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाब देना होगा।









